स्वामी विवेकानंद और राष्ट्रीय युवा दिवस

 

उठो  जागो और तब तक मत रुको
जब तक लक्ष्य प्राप्त ना हो जाए ।।

You will never know what you are  capable of until you take that first step and go for it.




जैसा संदेश देकर भारतीयों को जगाने वाले महापुरुष, जिन्होंने भारतीय ज्ञान एवं अध्यात्म का  डंका सारी दुनिया में बजाया  जी हां, हम बात कर रहे हैं स्वामी विवेकानंद जी की  युगपुरुष, वेदांत, दर्शन के  ज्ञानी मातृभूमि के उपासक, कर्म योगी, दरिद्रनारायण मानव सेवक करोड़ों युवाओं के प्रेरणा स्रोत, प्रेरणा पुंज स्वामी विवेकानंद जी का जन्म 12 जनवरी 1813 को कोलकाता में पिता विश्वनाथ दत्त और माता भुवनेश्वरी देवी के घर हुआ था  स्वामी विवेकानंद जी के बचपन का नाम नरेंद्र नाथ दत्ता था युवाओं के प्रेरणा नरेंद्र नाथ दत्त जिनके गुरु रामकृष्ण परमहंस जी ने स्वामी विवेकानंद जी  को , स्वामी विवेकानंद नाम दिया था  केवल भारत में  ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में अपने ज्ञान, बुद्धि, और वेदांत दर्शन के  सनातन धर्म और भारत का गौरव बढ़ाया   


  
  सोई दुनिया को जगाया,
सिंधु को सिंह बनाया।
प्रेम योग हो या भक्ति योग हो,
एक रहस्यमई सूत्र उपजाया।
वही आत्मज्ञान का महापुरुष,
स्वामी विवेकानंद कहलाया।




भारतीय युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि आज भी 80%  से अधिक शिक्षित भारतीय युवाओं के आदर्श हैस्वामी जी के विचार उन्हें सबसे अलग कोहिनूर की भांति चमकाते हैं स्वामी विवेकानंद वेदांत के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे उन्होंने भारत का वर्चस्व अमेरिका तथा यूरोप के हर एक देश तक पहुंचाया




                        भारत देश के अधिकतर आबादी युवाओं की है और किसी भी देश  का भविष्य उसकी युवाओं पर ही निर्भर करता है नई प्रतिभा के आने से देश को सिर्फ तरक्की मिलती है बल्कि देश का विकास भी सही तरह से होता है देश के युवाओं के सही मार्गदर्शन के लिए हर साल भारत में युवा दिवस मनाया जाता है, पर क्या आप जानते हैं कि 12 जनवरी को ही राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में क्यों मनाया जाता है? तो आइए बताते हैं इसके पीछे की कहानी क्या है-  स्वामी विवेकानंद जी अपने विचारों और अपने आदर्शों के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं उन्होंने काफी कम उम्र में ही अपने विचारों के चलते दुनिया में अपनी एक अलग ही पहचान बनाई थी उनके विचारों से युवाओं को सही दिशा मिल सके, इस मकसद से ही सरकार द्वारा उनकी जन्म दिवस को इस दिन  के लिए चुना गया था  भारत में युवा दिवस मनाने की पहचान साल  1985 से शुरू हुई थीवहीं इस दिन को युवा दिवस के तौर पर मनाने का ऐलान साल 1984 में किया गया था तब से अब तक हर साल इस दिन को युवा दिवस के रूप में पूरे देश में मनाया जाता है भारत की तरह पूरे दुनिया में भी युवा दिवस मनाया जाता है 12 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस मनाने के तौर पर चुना गया था इस दिन विश्व में कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है राष्ट्रीय युवा दिवस को लेकर पूरे भारत के स्कूलों और कॉलेजों में खास कार्यक्रम, सम्मेलनों युवा उत्सव, योग, भाषण,   खेल और संगीत प्रतियोगिताओं का आयोजन होता हैबच्चों को स्वामी विवेकानंद के जीवन के बारे में बताया जाता है 12 जनवरी को कई एनजीओ और सरकारी संगठन सामाजिक और विकासात्मक गतिविधियों का संचालन करके राष्ट्रीय युवा दिवस मनाते हैंयुवा दिवस का जश्न भारत जैसे पूरे देश में बहुत  महत्व रखता है  जिसमें 60% से अधिक आबादी युवाओं की है किसी शायर ने क्या खूब कहा है-


युवाओं के कंधो  पर,
युग की कहानी चलती है।
इतिहास उधर मुड़ जाता है,
जिस ओर यह जवानी चलती है।
वक्त कम है जितना दम है लगा दो,
कुछ को मैं  जगाती,
हूं कुछ को तुम जगा दो।।


स्वामी विवेकानंद जी ने युवाओं को बहुत अच्छी-अच्छी बातें बताएं उन्होंने कहा कि खुद को कमजोर समझना ही सबसे बड़ा पाप है। कोई तुम्हें हरा नहीं सकता, कोई तुम्हें पढ़ा नहीं सकता। कोई तुमको अध्यात्मिक नहीं बना सकता, तुमको सब कुछ अंदर से सीखना है। उन्होंने यह भी बताया कि आत्मा से अच्छा कोई शिक्षक नहीं होता। सब सत्य तो हजार तरीकों से बताया जा सकता है, फिर भी हर एक  सच, सच ही होगा ।स्वामी विवेकानंद जी ने यह भी बताया कि अरे बाहरी   स्वभाव तो केवल अंदरूनी समभाव का एक रूप होता है। इस ब्रह्मांड की सारी शक्तियां तो हमारे अंदर पहले से ही है और हम  हैं जो आंख पर हाथ लगाकर बैठे रहते हैं और फिर  कहते हैं कि हमें  बाहर अंधेरा दिखाई दे रहा है।   जब भी जीवन में कोई बड़ी मुश्किल आए,  किसी भी   कठिनाइयों में फंस जाओ तो दिल और दिमाग के टकराव में हमेशा अपने दिल को  सुनो।   यह जान लो सत्य जीवन है, और निर्मलता मृत्यु है। विस्तार जीवन है, संकुचन मृत्यु है और प्रेम जीवन है और द्वेष मृत्यु है। जब जिंदगी बिल्कुल आसान हो जाए और जीवन के किसी भी दिन में जब आपके पास कोई समस्या ना आए तो आप यह सुनिश्चित कर लेना कि आप गलत रास्ते पर चल रहे हो।  यह बात अभी के अभी गांठ बांध लो कि जब तक जीवन है तब तक  सीखना है, क्योंकि अनुभव ही ज्ञान संसार के सर्वश्रेष्ठ शिक्षक हैं। एक समय में केवल एक काम करो और ऐसा करते समय अपनी पूरी  यातना उसमें डाल दो और बाकी सब कुछ भूल जाओ। यही सफल होने का मूल मंत्र है। हम जो  बोते हैं, वही हम काटते हैं। हम खुद अपने भाग्य  के निर्माता होते हैं।




 कभी महक की तरह हम  गुलो से उड़ते हैं,

 कभी धुएं की तरह हम पर्वतों से उड़ते हैं।

 यह  कैचीया हमें उड़ने से क्या   खाक  रोकेगी,

 हम परों से नहीं हौसलों से उड़ते हैं।

 भारतवर्ष की रीड की हड्डी युवा वर्ग को कहा जाता है
चीन में एक कहावत प्रचलित है, अगर  1 साल के बारे में सोचते हो तो फसल उगाओ अगर 10 साल के बारे में सोचते हो तो फलदार वृक्ष लगाओ और यदि पूरी जिंदगी के बारे में सोचते हो तो अपने युवाओं को शिक्षित बनाओ  आज के युवाओं को देश की स्थिति को देखकर निराश नहीं होना चाहिए ,बल्कि उसे बदलने के बारे में सोचना चाहिए
  
तू रख हौसला, वह मंजिल भी आएगा।

 प्यासे के पास चल कर ,समंदर भी आएगा।

 यू हार कर ना बैठ, मंजिल के मुसाफिर।

 मंजिल भी मिलेगी और मिलने का मजा भी आएगा।।

 

                                     धन्यवाद

Vijaylaxmi Shukla

 Student teacher of

P.V.D.T. College of education for women

Mumbai

 

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