मां सरस्वती
विद्या की देवी हैं , सुरों की जननी हैं । हंस वाहिनी कहते हैं जिसे , वह माँ सरस्वती हैं ।। सब के दिलों में राज करती , सबसे ऊपर विराजती हैं। सबको मानवता का ज्ञान सिखाती हैं ।। वह मां सरस्वती हैं ।। हाथों में वीणा लेकर , मुकुट सिर पर धारती है । वह श्वेत वर्णी , मां सरस्वती हैं।। ऋषियों की बातें हो , या मुनियों की ज्ञानी हो । सबको तुमने ही सीखा , चाहे वह कितना ही ज्ञानी हो।। वह मां सरस्वती हैं ।। सबको देती ज्ञान तू , अज्ञानता से तारती हैं । मायाजाल के भंवर से , हमें वह तारती हैं ।। वह मां सरस्वती हैं ।। देखकर ज्ञान हमें , जो ज्ञानी बनाती है । बुद्धि विवेक से परिपूर्ण हमें , वह बनाती ...